बैंक ऑफ इंडिया की संवेदनशील पहल, मृतक कर्मचारी के परिवार को मिला 71 लाख का आर्थिक संबल

  

एसआरके


सूरत (गुजरात) [भारत] : बैंक ऑफ इंडिया, सूरत ने अपनी सैलरी अकाउंट योजना के तहत दिए जाने वाले नि:शुल्क ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस योजना के अंतर्गत एसआरके एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के एक मृतक कर्मचारी के परिवार को 71 लाख रुपए का बीमा क्लेम दिया। मुश्किल समय में यह सहायता परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी है। यह बीमा सुरक्षा बैंक की कॉरपोरेट कर्मचारियों के लिए सैलरी अकाउंट योजना का एक नि:शुल्क लाभ है.

बैंक ऑफ इंडिया केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों को अपनी सैलरी अकाउंट योजना के तहत 2 करोड़ रुपए तक का नि:शुल्क ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर प्रदान करता है। इसी तरह निजी कंपनियों के साथ हुए करार के तहत बैंक में सैलरी अकाउंट रखने वाले पात्र कर्मचारियों को 1 करोड़ रुपए तक का नि:शुल्क दुर्घटना बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जाता है।


बीमा क्लेम का चेक शनिवार, 1 अगस्त 2026 को एसआरके एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन गोविंदभाई धोलकिया के हाथों कर्मचारी के परिवार को सौंपा गया। इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के एफजीएमओ अहमदाबाद के महाप्रबंधक अजय त्रिपाठी तथा सूरत जोन के जोनल मैनेजर राजेश कुमार उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अजय त्रिपाठी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, "प्रियजन की कमी किसी भी तरह पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन बैंक की यह आर्थिक सहायता परिवार को मुश्किल समय में संबल और सुरक्षा का एहसास कराएगी, ऐसी हमारी आशा है।"


राजेश कुमार ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान बैंक ऑफ इंडिया ने एसआरके एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए कुल 1.42 करोड़ रुपए के ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस क्लेम का सफलतापूर्वक निपटारा किया है। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया की सैलरी अकाउंट योजना बैंकिंग क्षेत्र की सबसे व्यापक और लाभदायक योजनाओं में से एक है, जिसे बैंक में सैलरी अकाउंट रखने वाली प्रमुख कॉरपोरेट कंपनियों की ओर से व्यापक सराहना मिल रही है।

एसआरके एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन गोविंदभाई धोलकिया ने बैंक की त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी सेवा की सराहना करते हुए कहा कि, "हमारे कर्मचारी हमारे परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसी मुश्किल घड़ी में बैंक ऑफ इंडिया ने बहुत तेजी से बीमा क्लेम का निपटारा कर परिवार को समय पर आर्थिक सहारा दिया है। कर्मचारी कल्याण के प्रति बैंक का यह दृष्टिकोण वास्तव में प्रशंसनीय है।"


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